
तहसील परिसर खरसिया में आज लोक अदालत आयोजित किया गया है। जहां पहले से धरनारत अधिवक्ताओं ने उक्त लोक अदालत का बहिष्कार किया है। बताया जा रहा है कि न्यायालय में प्रशासनिक हस्तक्षेप के विरोध में अधिवक्ताओं की ओर से यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
आपको बता दें कि 11 फरवरी को रायगढ़ तहसील कार्यालय में अधिवक्ताओं एवं वहां के नायब तहसीलदार वह कुछ कर्मचारियों के मध्य कथित रूप से झूमा झटकी हुई थी। ऐसे में चक्रधर नगर पुलिस ने 5 अधिवक्ताओं पर एसटी एससी एक्ट और बलवा सहित अन्य धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया था जिसके बाद 4 अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी भी की गई थी। बिना जांच के की गई इस कार्रवाई के विरोध में न केवल रायगढ़ जिले के अधिवक्ता बल्कि पूरे प्रदेश के अधिवक्ता 11 फरवरी से आंदोलनरत हैं।
वही अधिवक्ताओ का कहना है की गिरफ्तार किए गए अधिवक्ताओं की रायगढ़ में जमानत के दौरान कुछ अधिवक्ताओं को जमानत नहीं दिया जाना जबकि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद कुछ अन्य अधिवक्ताओं को जमानत दे दिए जाने का आरोप न्यायपालिका एवं कार्यपालिका की सीमा और प्रतिष्ठा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। प्रशासनिक भ्रष्टाचार के विरोध में लगभग 1 माह से चल रहे इस आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन के क्रम में लोक अदालत से भी सभी अधिवक्ता विरत रहेंगे यह बात अधिवक्ताओं के बीच से आ रही है।
बाइट – भोगीलाल डनसेना – अध्यक्ष अधिवक्ता संघ, खरसिया



